सीएम चरनजीत सिंह चन्नी के आवास के बाहर झड़प, पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल

13 Oct, 2021 | पंजाब | arya


पंजाब। जमीन प्राप्ति संघर्ष समिति के सदस्यों और पुलिस के बीच में झड़प का मामला सामने आया है। बता दें कि इस झड़प में कई पुलिस कर्मियों के घायल होने की खबर भी सामने आ रही है। बताना लाजमी है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास के बाहर प्रदर्शनकारी जमीन प्राप्ति संघर्ष समिति के सदस्यों और पुलिस के बीच झड़प में डीएसपी समेत एक दर्जन लोग घायल हो गए। डीएसपी को मोरिंडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री के आवास की तरफ मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया।

 करीब डेढ़ घंटे तक धरना देने के बाद आंदोलनकारी अचानक पत्थरबाजी करने लगे। उन्हें उग्र होता देख मौके पर तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। मुख्यमंत्री के आवास के पास तैनात पुलिस कर्मियों ने जब प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया तो वे वहीं मुख्य सड़क पर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की बहुत कोशिश की परंतु वे सीएम से मिलने पर अड़े रहे। धरना-नारेबाजी जारी थी। पुलिस के मुताबिक पांच बजे के आसपास आंदोलनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उनके हमले में डीएसपी अनिल कुमार समेत पांच पुलिस वाले घायल हो गए। 

दरअसल मुकेश मलौद और बिक्कर सिंह हथोआ ने बताया कि जमीन प्राप्ति संघर्ष समिति लंबे समय से अपने हिस्से की जमीनों के लिए संघर्ष  कर रही है, परंतु सत्ताधारी पार्टी की तरफ से उनकी मांगों का हल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि रोजाना अपने हक मांगते अनुसूचित जाति के ग्रामीण को साहुकारों के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। कई बार उनको गांवों में सामाजिक बहिष्कार का सामना भी करना पड़ता है। दोनों नेताओं ने कहा कि पंजाब में पहली बार अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री बनने के बाद निचले तबके में आशा बंधी है। उन्होंने कहा कि समिति के नेतृत्व में पंचायती जमीन में से तीसरा हिस्सा दलितों के लिए पक्के तौर पर देने, नजूल सोसायटी की भूमि का मालिकाना हक, सीलिंग एक्ट से ऊपरी जमीन भूमि रहित लोगों में बांटने, जरूरतमंद परिवारों को पांच पांच मरले प्लाट दिलाने, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों समेत मजदूरों के सभी कर्जे माफ करके सहकारी सभा का सदस्य बनाकर सरकारी कर्ज दिलाने, आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ दर्ज सभी झूठे पर्चे रद्द करवाने की मांग कर रहे हैं।

 जमीन प्राप्ति संघर्ष समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। उनकी घोषणा के मद्देनजर चन्नी के आवास के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। करीब डेढ़ बजे से समिति के सदस्य रेलवे स्टेशन के पास इकट्ठा होने शुरू हो गए। तीन बजे तक जामीन प्राप्ति संघर्ष समिति के जोनल प्रधान मुकेश मलौद और वित्त सचिव बिक्कर सिंह हथोआ के नेतृत्व में पांच सौ के करीब कार्यकर्ताओं ने रैली की और इसके बाद सीएम की कोठी की तरफ मार्च शुरू कर दिया।

वे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात कराने की मांग कर रहे थे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उनको खदेड़ दिया। इस दौरान सात प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। डीएसपी रैंक के पुलिस अधिकारी का कहना है कि प्रदर्शनकारी पहले ही पथराव करने की तैयारी से आए हुए थे।