पंजाब में नहीं थम रहा पराली जलाने का सिलसिला, 5 दिन में दोगुना से ज्यादा बढ़े मामले

13 Oct, 2021 | पंजाब | arya


पटियाला। धान की कटाई के साथ -साथ पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। जाहिर है कि पराली जलाने से एक बार फिर से स्थिति चिंता जनक हो सकती है। अब इसी कड़ी में पंजाब में धान कटाई के साथ ही पराली जलाने के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले पांच दिन में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़े हैं। गर्ग पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मैंबर सेक्रेटरी करुणेश गर्ग ने बताया कि पराली जलाने वालों पर लुधियाना स्थित रिमोर्ट सें¨सग सेंटर से नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किसानों को पराली ना जलाने को लेकर जागरूक कर रहा है। गांवों में किसानों को जागरूकता वैन भेजकर पराली जलाने से होने वाले नुक्सान और इसके सही निस्तारण के लिए तरीके बताए जा रहे हैं।

बता दें कि सात अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के 392 मामले थे, वह 12 अक्टूबर तक बढ़कर 925 हो गए हैं। इससे राज्य के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को लुधियाना का एक्यूआइ भी माडरेट से खराब श्रेणी में पहुंच गया है, जबकि शेष शहरों का एक्यूआइ समान्य श्रेणी में है। वहीं पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार ताजा हालात में ज्यादा चिंता की बात नहीं है लेकिन अगर पराली जलाने की रफ्तार बढ़ी तो आने वाले दिनों में स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

15 सितंबर से लेकर 12 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के कुल 925 घटनाएं हुईं। पराली जलाने सबसे ज्यादा 150 मामले 10 अक्टूबर को सामने आए। जबकि आठ अक्टूबर को 108 और नौ अक्टूबर को 114 जगह पराली को आग लगाई गई। - अमृतसर में सबसे ज्यादा जली परालीआंकड़ों के अनुसार अब तक पराली जलाने की 925 में से 355 घटनाएं केवल अमृतसर में हुई हैं। वहीं तरनतारन में 199, पटियाला में 79 और लुधियाना में 69 जगह पराली जलाने की घटनाएं हो चुकी हैं।