किसानों ने दिखाई ताकत, विरोध के कारण सीएम का गोहाना कार्यक्रम रद्द

13 Oct, 2021 | हरियाणा | garima times

गोहाना।  हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने आज गोहाना कार्यक्रम रद्द कर दिया है।  किसानों के विरोध और शहर में किसी सूरत में हेलिकॉप्टर से नहीं उतरने देने के ऐलान के बाद यह फैसला लिया गया है। विरोध के लिए किसान शहर में इकट्‌ठे हुए हैं। वहीं कृष्ण बेदी गोहाना पहुंच गए हैं वह अब वाल्मीकि जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे। बुधवार को उन्हें गोहाना में वाल्मीकि समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन किसानों ने सीएम के गोहाना दौरे के विरोध का ऐलान किया था, जिसके बाद सीएम मनोहर लाल को गोहाना का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।  सीएम खट्टर को आज शाम को चंडीगढ़ में बीजेपी की एक मीटिंग में भी हिस्सा लेना है। 

इससे पहले गोहाना में किसान यूनियन ने सीएम मनोहर लाल के कार्यक्रम का विरोध करने का फैसला लिया था, जिसके चलते बुधवार सुबह ही किसान सीएम का विरोध करने पहुंच गए। सीएम के हेलिकॉप्टर के लिए ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बनाए गए हेलीपैड पर किसान विरोध जताने पहुंच गए।  कार्यक्रम से पहले बुधवार सुबह एएसपी गोहाना निकिता खट्टर ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया था।  किसानों से अपील की गई कि वे धार्मिक कार्यक्रम में सीएम का विरोध न करें।  बातचीत में शामिल भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसान हर हाल में सीएम का विरोध करेंगे। 

इससे पहले प्रशासन तैयारियों में जुटा था और गोहाना को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। देवीलाल स्टेडियम में सीएम के लिए हेलीपैड तैयार किया गया। भाकियू राज्य उपप्रधान सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसानों का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। सीएम मनोहर लाल को किसी भी हालात में गोहाना नहीं उतरने देंगे। शहर के आसपास के गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर तैयार बैठे हैं। एक सूचना पर शहर के लिए प्रस्थान कर देंगे। किसानों ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी प्रशासन से मिली है कि मुख्यमंत्री का दौरा रद्द हो गया है। उन्हें प्रशासन की बात पर यकीन नहीं है। शाम तक किसान अपना विरोध जारी रखेंगे और जब तक पूरी फोर्स नहीं हटा ली जाती यहां से नहीं हटेंगे। किसानों ने कहा कि वे घर वापस जाने वाले नहीं है। दिन ही नहीं रात में भी हर हाल में मुख्यमंत्री का विरोध होगा।

सीएम के आगमन को लेकर प्रशासन का किसानों से सुलह का प्रयास विफल रहा। सुबह एएसपी गोहाना निकिता खट्टर ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया । किसानों से अपील की गई कि वे धार्मिक कार्यक्रम में सीएम का विरोध न करें। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद किसान प्रशासन को कोई आश्वासन दिए बिना बाहर निकल आए। बातचीत में शामिल भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसान हर हाल में सीएम का विरोध करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों और किसानों में सीएम के आगमन को लेकर तनातनी है। किसान नेता सत्यवान नरवाल का कहना है कि किसान कार्यक्रम के विरोधी नहीं है। वे सिर्फ सीएम का विरोध करेंगे। उनकी कार्यक्रम से नाराजगी नहीं है। किसान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सीएम आए तो विरोध करेंगे, नहीं तो माथा टेका लौट जाएंगे।

दूसरी तरफ भगवान वाल्मीकि त्रिकालदर्शी सोसायटी के अध्यक्ष दीपक आदित्य ने कहा कि किसान दोहरी मानसिकता अपनाकर कार्यक्रम को फेल करना चाहते हैं। उनकी किसान नेताओं के साथ पांच बार बैठक हो चुकी है। बैठक में वे समर्थन करने की बात कहते हैं और बाहर विरोध करने की। यही नहीं किसान नेता कार्यक्रम में आकर प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही समाज को चंदा एकत्रित करने की बात भी कहते हैं। दीपक ने कहा कि इससे पहले किसानों ने न समाज की आवाज उठाई, न भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव मनाया।

सीएम खट्टर आज गोहाना आएंगे, इसको लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब प्रशासन के अधिकारी सीएम को किसानों से हुई बातचीत और गोहाना के हालात को लेर अपडेट देंगे। इसके बाद सीएम स्तर पर ही सीएम के गोहाना में आने या न आने का फैसला होगा। प्रशासन को फिलहाल कोई अपडेट नहीं है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी जोर लगाए हैं कि सीएम के आने को लेकर किसानों द्वारा खड़ी बाधा को दूर किया जाए। 
प्रशासन हालांकि अपनी ओर से सीएम के आगमन को देखते के पूरी तैयारी में लगा है। हेलीपैड तैयार कर लिया गया है। गोहाना को पुलिस छावनी बना दिया गया है। कार्यक्रम आयोजक संस्था के प्रधान दीपक का कहना है कि कार्यक्रम में हर समय सीएम के आने की उम्मीद बनी रहेगी। फिलहाल उनको सीएम के आने या न आने को लेकर कोई अपडेट नही दिया है।

भगवान वाल्मीकि त्रिकालदर्शी सोसायटी द्वारा बुधवार 13 अक्टूबर को शहर में बरोदा रोड स्थित आश्रम में भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन रखा है। कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल खट्टर को मुख्यातिथि के तौर पर आमन्त्रित किया गया है। साथ ही बाबा मन शाह, रवि शाह, कृष्ण शाह विद्यार्थी, उमेश नाथ, बाबा प्रकटनाथ के अलावा राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा, सांसद रमेश कौशिक के अलावा कृष्ण बेदी, विधायक बिसंबर वाल्मीकि, जगदीश नायर, सुभाष चंद्र, राम अवतार वाल्मीकि, कृष्ण कुमार आदि प्रबुद्धजीवियों को भी आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम का किसान समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन वह सीएम के आने का विरोध कर रहे हैं।