सार्वजनिक छठ पूजा का होगा आयोजन? समर्थन में आई केजरीवाल सरकार

13 Oct, 2021 | दिल्ली | arya

नई दिल्ली। कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए अभी भी सार्वजनिक पूजा को लेकर रोक लगी है। लेकिन अब छठ पूजा को लेकर आरोप -प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। साथ ही छठ के आयोजन को लेकर हो रही राजनीति के बीच दिल्ली सरकार भी सार्वजनिक छठ पूजा आयोजन के समर्थन में आ गई है। मंगलवार को दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना महामारी के चलते आस्था का पर्व छठ पूजा के आयोजन पर लगी रोक को हटाने की मांग की है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस बारे में अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि पूर्वांचल के लोग अपने परिवार और प्रियजनों के साथ हर बार की तरह इस बार भी छठ महापर्व मनाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द छठ पूजा के आयोजन की अनुमति दे। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली में अब कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रण में है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार आस्था और संस्कृति के प्रतीक छठ महापर्व के आयोजन को अनुमति दे दे। सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि छठ महापर्व पूर्वांचल में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक त्योहार है। 

दिल्ली में भी यह महापर्व बेहद निष्ठा के साथ हर वर्ष मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों से, दिल्ली के साथ-साथ पूरे देश ने कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति का सामना किया है। पिछले साल भी कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही पूरे देश में छठ महापर्व मनाने से संबंधित निर्णय लिए गए थे। उपमुख्यमंत्री ने मंगलवार को यह पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखा है, जिसमें उन्होंने छठ पूजा की अनुमति देने और आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए आग्रह किया है। 

उन्होंने पत्र में कहा है कि पिछले साल भी केंद्र सरकार की अनुमति से छठ महापर्व का सार्वजनिक आयोजन हुआ था। दिल्ली सरकार ने पूर्वांचल के लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे दिल्ली में 1200 छठ घाटों की व्यवस्था कर वहां बिजली, पानी समेत सभी सुविधाएं भी दी थीं। पहले दिल्ली में घाटों की संख्या महज 72 थी।