रोहतक की पॉश कालोनियों में भू माफियाओं का कब्ज़ा, नगर निगम कर रहा बड़े एक्शन की तैयारी 

14 Oct, 2021 | रोहतक | garima times

रोहतक। शहर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा है। कुछ समय पहले पालिका कॉलोनी में अवैध कब्जों का जोर शोर से उठा विवाद अब सीएम लेवल तक पहुँच चुका है जिसके बाद नगर निगम की नींद टूटी है और अब सरकारी जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से छुड़ाने को लेकर सक्रिय हो गए हैं। बता दें कि शहर के पॉश इलाके सहित नगर निगम की लगभग 200 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इसमें जींद रोड स्थित लालपुर के जंगल पर 150 जमींदार फसलें उगा रहे हैं। 

सीएम ऑफिस से जो फीडबैक इन कब्जों को लेकर मिला है उसके बाद निगम की सक्रियता अब ये कब्जे छुड़वाने को लेकर बढ़ गई है।अभियान चलाकर अधिकांश जमीनों की निशानदेही कर ली गई है। अब इन जमीनों से अवैध कब्जा छुड़वाना और इंतकाल निगम के नाम करवाने की चुनौती सामने है। हालांकि, भू शाखा की ओर से इन अवैध कब्जाधारकों को 408-ए और 132-ए का नोटिस भेजे जा रहे हैं। शहर के बीचों बीच बनी इंदिरा कॉलोनी, भिवानी रोड की पालिका कॉलोनी और शीतला माता मंदिर सरोवर के कब्जों की लिस्ट इस एक्शन प्लान में शामिल है।

नगर निगम की भू शाखा की मांग पर एसपी ने पुलिस फोर्स दे दी है। अब 18 अक्टूबर को निगम की ओर से अपनी जमीन से अवैध कब्जे हटाने का अभियान चलाया जाएगा। प्राथमिकता सबसे पहले खेड़ीसाध, बोहर गांव और सुनारिया कलां व सुनारिया खुर्द से अवैध कब्जा हटाने की है। इसके बाद पालिका कालोनी में खाली प्लाट पर अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई होने के आसार बन गए हैं। फिलहाल 200 से अधिक खाली प्लाटों पर यहां अवैध कब्जे हैं। इतना ही नहीं पार्क की जमीन पर भी झुग्गी-झोपड़ी वालों ने कब्जे कर लिए हैं।

यहां बता दें कि 1985 में भिवानी रोड स्थित पालिका कॉलोनी में लोगों को सस्ते में प्लाट देने के लिए योजना शुरू हुई थी। 2003 तक प्लाट आवंटित हुए, लेकिन निगम प्लाट पर पूरी तरह से कब्जे नहीं दिला सका। इसकी वजह थी कि नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही के चलते झुग्गी-झोपड़ी वालों ने धीरे-धीरे कब्जे कर लिए थे। 2006 से खाली पड़े 200 प्लाट पर 300-350 झुग्गी वालों ने कब्जा कर लिया। उसी समय से लोग लगातार नगर निगम के अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे थे, लेकिन प्लाट खाली नहीं हो सके। 

जिला उद्योग केंद्र के कार्यालय के पीछे पार्क की खाली जमीन है। पांच एकड़ की इस जमीन पर पार्क का निर्माण होना था। नगर निगम प्रशासन को संबंधित जमीन पर पार्क का निर्माण कराना था। लेकिन करीब चार साल बाद भी पार्क का निर्माण नहीं हो सका। संबंधित जमीन पर झुग्गी वालों ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। हालात यह हैं कि झुग्गियों को खाली कराने की शिकायत करने वालों को संबंधित लोग इकट्ठे होकर धमकी देते हैं।

वहीं जींद रोड स्थित लालपुर का 132 एकड़ में फैले जंगल को वर्ष 2000 में 15 वर्ष के लिए नगर निगम ने पौधरोपण के लिए वन विभाग को दिया था। इसके बाद इस जमीन पर चारों ओर से जमींदारों ने अवैध कब्जा करके उस पर खेती करनी शुरू कर दी है। दो दिन पहले नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार के नेतृत्व में भू शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने लालपुर के जंगल का अंतिम बार मौका मुआयना किया। इस मामले पर चंडीगढ़ मुख्यालय के आदेश पर डीसी कैप्टन मनोज कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है, जिसमें वन विभाग को भी इस जमीन से दावेदारी छोड़ देने को कहा गया है। इसके बाद से निगम लालपुर के जंगल को अपने कब्जे में लेने की तैयारी में है।

ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार ने बताया कि  निगम की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की निशानदेही पूरी कर ली गई है। अब कब्जा हटवाकर इन जमीनों को निगम अपने अधिकार क्षेत्र में लेगा। साथ ही यहां तारबंदी कर निगम संपत्ति का बोर्ड भी लगाया जाएगा। 4 दिन पहले निगम की भू शाखा टीम ने इन सभी जगह का मुआयना किया है और चंडीगढ़ से आदेश मिलने के बाद डीसी की अध्यक्षता में मीटिंग हुई जिसके बाद कब्जे छुड़वाने को लेकर एक्शन किया जायेगा।

निगम की जिस जमीन पर अवैध कब्जे हैं वो इस प्रकार है जिन्हें निगम खाली करवाएगा, 2000 गज मेडिकल मोड़ पर नगर निगम की जमीन पर कब्जा है तथा 132 एकड़ मेंं फैला लालपुर का जंगल जींद रोड, माता दरवाजा चौक पर डेढ़ एकड़ जमीन शीतला माता मंदिर सरोवर, दो एकड़ जमीन पालिका कॉलोनी भिवानी रोड, डेढ़ एकड़ जमीन बांगड़ पुल के पास इंदिरा कॉलोनी से भी खाली करवाई जाएगी।