पंजाब में 50 किमी अंदर तक कार्रवाई कर सकेगा BSF, इस मामले में गरमाई सियासत, जानें पूरा मामला

14 Oct, 2021 | पंजाब | arya

चंडीगढ़। पंजाब में 50 किमी तक BSF को कार्रवाई करने के हक पर सियासत गरमा गई है। बता दें कि केंद्र सरकार के इस फैसले पर पंजाब में एक बार फिर से सियासत गरमा गई है। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने सरकार के इस फैसले को संघीय ढांचे पर हमला करार दिया है। बीएसएफ एक्ट की धारा 139 में हाल ही में किए गए संशोधन के बाद पंजाब में अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पंजाब बॉर्डर पर अब 50 किलोमीटर अंदर तक कार्रवाई कर पाएगी।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बीएसएफ को अतिरिक्त शक्तियां देने के फैसले को तर्कहीन बताया है और केंद्र सरकार से निर्णय को वापस लेने की मांग की है। बता दें कि सीमावर्ती राज्यों पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में यह दायरा पहले 15 किमी तक था, जबकि नए आदेशों में इसे बढ़ाकर 50 किमी तक कर दिया गया है। पूर्वोत्तर के 5 राज्यों- मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में यह दायरा 80 किमी था और अब इसे घटाकर 60 किमी किया गया है। गुजरात में भी अधिकार क्षेत्र 80 से घटा 50 किमी कर दिया गया है, जबकि राजस्थान में इसे 50 किमी तक ही रखा गया है।

जानकारों का कहना है कि बीएसएफ जो भी बरामदगी या गिरफ्तारी करेगी, उसे पुलिस को ही सौंपना पड़ेगा यानी कार्रवाई का हक पुलिस के पास ही रहेगा। उधर, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने भी सीएम चन्नी पर निशाना साधा है और कहा कि सीएम को केंद्र से मांग करने से पहले सोचना चहिए था कि पंजाब की सुरक्षा के लिए वह गृहमंत्री से क्या मांग रहे हैं, उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने में पंजाब का 25 हजार स्कवायर किमी का क्षेत्र अब केंद्र के अधीन हो जाएगा। शिरोमणि अकाली दल ने भी केंद्र के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और कहा कि यह पंजाब सरकार की मिलीभगत से हुआ है, बिना पूछे संभव नहीं कि केंद्र इतना बड़ा निर्णय ले।