जींद में ग्रामीणों ने प्रशासन की टीम पर पत्थरों और डंडों से किया हमला, नायब तहसीलदार व एसडीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल 

जींद | PUBLISHED BY: GARIMA TIMES | PUBLISHED ON: 25 OCT, 2021

जींद। जींद के जुलाना क्षेत्र के गांव बराड़ खेड़ा के खेतों से बरसाती पानी की निकासी के लिए बुआना के खेतों में लगा साइफन खोलने गए प्रशासनिक अमले का ग्रामीणों से टकराव हो गया। बुआना व बराड़ खेड़ा गांवों के बीच में लगी साइफन खुलवाने को लेकर अधिकारियों पर हमला पहले से ही खेतों में भरे पानी से परेशान किसानों के गुस्से का नतीजा है। किसान जलभराव से पहले ही परेशान हैं। जब प्रशासनिक अमला बराड़ खेड़ा की तरफ से साइफन खुलवाने गया तो पहले से ही परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वहीं, बुआना के लोगों ने साइफन को बंद रखने की मांग को लेकर किनाना में जाम लगा दिया। बराड़ खेड़ा गांव की 400 एकड़ फसल में पानी भरा है। वहीं, बुआना में भी 300 से अधिक एकड़ में जलभराव है। 

प्रशासनिक अमला साइफन को खोलने लगा तो किसान जयभगवान पेड़ पर चढ़ गया और पायजामे का फंदा लगा लिया। जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह व ग्रामीणों ने पेड़ पर चढ़कर किसान को उतारा और उसे अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर उसकी हालात खतरे से बाहर है। वहीं किसान के फांसी लगाते देख गांव बुआना के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार प्रदीप, सिंचाई विभाग के सब डिविजन आफिसर (एसडीओ) जितेंद्र पर लाठियों से हमला कर दिया। पुलिस ने बीच-बचाव किया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर भी पथराव कर दिया। इसमें जुलाना थाना प्रभारी समरजीत व दूसरे पुलिसकर्मियों को चोटें आई। घटना के बाद बुआना के ग्रामीणों ने किनाना गांव में जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया और कहा कि वह किसी भी हालत में बुआना गांव की ओर पानी की निकासी नहीं होने देंगे।

बराड़ खेड़ा और बुआना गांव में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से खेतों में पानी भरा है। इससे कई किसानों की धान की फसल खराब हो गई। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से पानी निकाले की गुहार लगा रहे हैं। बराड़ खेड़ा गांव में करीब 400 एकड़ फसल में पानी भरा है। बराड़ खेड़ा गांव के पानी की निकासी बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच माइनर के नीचे बनी साइफन से होती है। बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पानी की निकासी को लेकर कई बार पंचायत हो चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका। बराड़ खेड़ा के ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की निकासी के लिए साइफन खुलवाने की मांग की। नायब तहसीलदार दीपक को ड्यूटी मजिस्टेट बनाकर प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ बराड़ खेड़ा और बुआना के बीच पहुंचा और साइफन खुलवाने लगा। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया।

गांव बुआना निवासी अमित ने 40 एकड़ जमीन 18 लाख रुपये में ठेके पर ली हुई है। उसकी जमीन बराड़ खेड़ा गांव के खेतों से लगती है। अमित की धान की फसल में फिलहाल दो-तीन फुट पानी भरा है। प्रशासनिक अमला यहां लगे साइफन को खुलवाने के लिए गया था। अमित के पिता जयभगवान उस समय मौके पर मौजूद थे। जयभगवान ने कहा कि यदि यह साइफन खुल गई तो उसकी पहले ही खराब फसल और बर्बाद हो जाएगी। इसलिए उसने साइफन खोलने का विरोध किया। जब प्रशासनिक अधिकारी नहीं माने तो जयभगवान ने अपने पायजामे के साथ पास खड़े पेड़ से फंदा लगाने का प्रयास किया।

मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, जुलाना थाना प्रभारी समरजीत ने जयभगवान को पेड़ से उतार दिया। इस कारण विवाद बढ़ गया और प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच खींचतान बढ़ गई। इसी बीच किसी ने प्रशासनिक टीम पर पत्थरबाजी कर दी। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, जुलाना थाना प्रभारी समरजीत घायल हो गए। ग्रामीणों ने तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए।

बराड़ खेड़ा और बुआना गांव के बीच मौजूद माइनर के नीचे से बारिश के पानी की निकासी को लेकर साइफन दबाया हुआ है। 1995 में भी बुआना गांव के लोगों ने साइफन से पानी नहीं निकलने दिया था। उसी समय से दोनों गांवों के बीच विवाद चल रहा है। बुआना के लोगों का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर पानी की निकासी अपने खेतों में नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक किसी के दबाव में जबरदस्ती साइफन खोलना चाहता है। यदि यह साइफन खुला तो बुआना के खेतों के साथ-साथ गांव में भी पानी घुस जाएगा।

नायब तहसीलदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट दीपक ने बताया कि खेतों से बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक अमला बराड़ खेड़ा व बुआना गांव के बीच माइनर पर रविवार दोपहर बाद पहुंचा। प्रशासन ने साइफन खुलवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। इसमें मेरे समेत कई अन्य कर्मचारियों को चोटें आई हैं। जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह ने बताया कि बुआना गांव के एक ग्रामीण ने पेड़ पर लटक कर फंदा लगाने का प्रयास किया। पुलिस और ग्रामीणों ने उसे पेड़ से नीचे उतार लिया। ग्रामीणों ने साइफन को लेकर विरोध किया और ईंट और डंडों से प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

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