नप में हुआ 5 करोड़ का घोटाला, सबूत के साथ गृहमंत्री के सामने रखूंगा- विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा

11 Aug, 2020 | Jind | garima times

जींद।  जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी कमेटी की बैठक चौधरी रणबीर सिंह विवि में हुई। इस दौरान विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने नगर परिषद के कर्ताधर्ताओं पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाते हुए शायराना अंदाज में कहा कि ‘लुट गई तू सरबसर, आता नजर कुछ नहीं, हो गया बर्बाद घर खबर तुझको कुछ नहीं।’ 

विधायक ने कहा कि उन्हें आशंका है कि करीब पांच करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसके लिए उन्होंने कुछ दस्तावेज भी मीटिंग में पेश किए। वहीं सांसद रमेश कौशिक ने अधिकारियों से कहा कि अभी भी कुछ कर लो, नहीं तो सारे मरोगे। बैठक में फैसला लिया गया कि सभी मामलों की जांच करवाई जाए और जो-जो इसमें दोषी पाया जाये उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाए। 

शहर में सीमेंट ब्लाक से सड़क निर्माण पर पूर्ण रोक के आदेशों के बावजूद नगर परिषद द्वारा सीमैंट ब्लाक से सड़क निर्माण करवाने पर सांसद कौशिक ने डीसी को जांच करवाने और दोषी लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कहा। बैठक में विधायक डॉ. कृष्ण  मिड्ढा ने कहा कि अधिकारियों की नाक के नीचे जींद शहर को बर्बाद कर दिया गया है। अमरूत योजना जींद के लोगों के लिए जहर बन गई है। विधायक ने सिलसिलेवार अनेक मुद्दे बैठक में उठाए।  

उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय विकास विभाग के निदेशक के साफ आदेश हैं कि 18 फुट से चौड़ी कोई भी सड़क या गली सीमेंट ब्लाक से नहीं बनेंगी। इसके बावजूद जींद शहर में तमाम सड़कें और गलियां सीमेंट ब्लाक से बनाई जा रही हैं। इसमें बड़ा घोटाला है। सांसद रमेश कौशिक ने भी विधायक की बात का समर्थन किया और कहा कि 6 महीने पहले उन्होंने आदेश दिए थे कि शहर में सीमेंट ब्लाक से कोई सड़क नहीं बनेगी। 

खुद डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने भी कहा कि उन्होंने नप को पत्र लिखकर सीमेंट ब्लाक से सड़क नहीं बनाने के आदेश दिए थे। सांसद ने नप के कार्यकारी अभियंता राहुल पूनिया को आदेश दिए कि वह इस बात की जांच करवाएं कि सीमेंट ब्लाक से सड़क निर्माण के लिए कौन जिम्मेदार है। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार और दोषी हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए।

विधायक ने बैठक में कहा कि पीएम आवास योजना शहरी में बड़ा घोटाला हुआ है। नप ने इसमें जमकर बंदरबांट की है। जो लोग पात्र थे, उन्हें आवास नहीं मिले और जो लोग पात्र नहीं थे, उन्हें आवास दे दिए गए। विधायक ने जींद नगर परिषद के वार्ड 4 के पार्षद कर्मबीर मोना का नाम लेते हुए कहा कि इस पार्षद तक को योजना का लाभ दिया गया। इस पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि मामले की जांच होगी और पार्षद पीएम आवास योजना का फायदा उठाने के दोषी मिले तो उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए लिखा जाएगा।

उन्होंने बैठक में कहा कि जींद नगर परिषद ने स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत जींद शहर की सफाई के ठेके के नाम पर 5 करोड़ रूपए वार्षिक का घोटाला किया है। फरीदाबाद की जिस बालाजी मैन पावर और क्लासिक मैन पावर कंपनी को 48 लाख रूपए महीना शहर की सफाई का ठेका दिया गया है, उन दोनों कंपनियों के उत्तर प्रदेश के कोसी और बुलंदशहर के वर्क एक्सपीरियंस के सर्टिफिकेट झूठे हैं। इन दोनों कंपनियों की तकनीकी और आर्थिक बिड ही शर्तों पर खरी नहीं उतरती थी। इसके बावजूद दोनों फर्मों को ठेका दिया गया। शहर में जितना कूड़ा होता है, उससे 8 गुणा ज्यादा कूड़ा दिखाकर घोटाले को अंजाम दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए।

बैठक में विधायक डॉ. कृष्ण  मिड्ढा  ने कहा कि सिंचाई, बिजली, मार्केटिंग बोर्ड, जन स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज जैसे 7 विभागों के कुल 803 प्रोजेक्ट मंजूर हुए। इनमें से केवल 45 पूरे हुए हैं। अगली बैठक में पूरी रिपोर्ट रखी जाए। लगे हाथों विधायक ने कहा कि जींद नगर परिषद के घोटालों की पूरी फाइल वह स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज को सौंपेंगे।

विधायक ने जींद में इस साल मार्च-अप्रैल महीने में हुई भर्तियों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। सिविल सर्जन से पूछा कि एनएचएम के मिशन निदेशक के आदेशों पर जांच कहां तक पहुंची है। जवाब मिला कि एडीसी जांच कर रहे हैं। इस पर सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि जब एनएचएम भर्ती घोटाले में पूर्व सिविल सर्जन पर कार्रवाई हो चुकी है और मिशन निदेशक जांच के आदेश दे चुके हैं तो यह भर्ती तुरंत रद्द करो।