21 अगस्त को सभी मंडियों में हड़ताल

18 Aug, 2020 | Haryana Rajasthan Punjab | garima times

चंडीगढ़।  मोदी सरकार द्वारा लॉकडाउन के बीच लाए गए नए कृषि अध्यादेशों के विरोध में 21 अगस्त को हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व चंडीगढ़ की मंडियों में हड़ताल रहेगी।  इस बात का एलान अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने व्यापारी प्रतिनिधियों की समस्या सुनने के बाद किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन अध्यादेशों से पूरे देश के किसान व व्यापारियों में बड़ा भारी रोष है।  इससे किसान व आढ़ती बर्बाद हो जाएगा। 

गर्ग ने कहा, अगर सरकार ने अपना आढ़ती व किसान विरोधी फरमान वापस नहीं लिया तो उसके बाद अक्टूबर महीने से मंडियां अनिश्चित काल के लिए बंद की जाएंगी।  व्यापारी, किसान व मजदूर सड़कों पर उतरेंगे।  गर्ग ने कहा, जब तक किसान की फसल मंडी में खुले भाव में नहीं बिकेगी तब तक किसान को अपनी फसल का पूरा दाम नहीं मिल सकता।  मंडियों से बाहर कंपनियां खरीद करेंगी और उनकी मार्केट फीस नहीं होगी।  जबकि मंडी में फसल बिकने पर मार्केट फीस लगेगी। इससे किसानों को बड़ा नुकसान होगा और मंडिया बंद हो जाएंगी। अगर बड़ी बड़ी कंपनी सब्जी, फल व अनाज बेचेंगे तो, जो लाखों लोग सब्जी, फल व अनाज का व्यापार कर रहे हैं वो कहां जाएंगे।  इससे देश में लाखों परिवार व किसान बेघर हो जाएंगे।  केंद्र सरकार को देश के किसान, आढ़ती, मिलर व मजदूरों के हित में तीनों नए अध्यादेश वापस लेने चाहिए। 

गर्ग ने कहा कि कपास, सरसों, मूंग, चना, सूरजमुखी आदि अनाज केंद्र की सरकारी एजेंसियां सीधे किसान से खरीद करती हैं जो सरासर गलत है।  हर अनाज की खरीद मंडी के आढ़तियों के माध्यम से होनी चाहिए। अगर अनाज की खरीद मंडी में आढ़तियों के माध्यम से नहीं होगी तो मंडी में आढ़ती दुकान करके क्या करेगा ? जबकि 20 अप्रैल 2020 से जो सरकार ने गेहूं खरीद की थी, उसका करोड़ों रुपए कमीशन आढ़तियों का अब तक बकाया पड़ा है।  सरकार को तुरंत प्रभाव से गेहूं खरीद का कमीशन देना चाहिए।  उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारी व किसान का आपसी भाईचारा खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वो इस मंसूबे में कामयाब नहीं होगी।