हरियाणा भवन में आपस में भिड़े किसान नेता , हाथापाई की आई नौबत

15 Sep, 2020 | Haryana | garima times

नई दिल्ली। कृषि अध्यादेशों के प्रति विरोध के चलते केन्द्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात करने पहुंचे किसान नेताओं में यहां हरियाणा भवन में आपसी विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई तक की नौबत आ गई।

वाकया दिल्ली में स्थित हरियाणा भवन का है, जहां किसान नेताओं का एक गुट भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी के साथ भिड़ गया। उन्होंने चढूनी को काफी भला बुरा कहा। हालांकि, चढूनी ने भी उनके साथ जमकर बहस की। एक वक्त पर हाथापाई तक की नौबत आ गई थी लेकिन कुछ लोगों ने बीच-बचाव करके मामला शांत करवाया। 

दरअसल, हरियाणा के भिवानी से सांसद धर्मबीर सिंह के न्यौते पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसान संगठनों का एक दल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने के लिए दिल्ली गया था। उनसे मिलने से पहले गुरनाम सिंह चढूनी सांसद धर्मबीर के आवास पर प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ व अन्य भाजपा नेताओं से मिले। यहां चढूनी ने मांग रखी कि सरकार को इस अध्यादेश को वापस लेना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि यह अध्यादेश वापस नहीं होगा। सरकार इस पर कानून बनाएगी। इस पर चढूनी ने कहा कि जब सरकार ने तय कर लिया है कि अध्यादेश वापस नहीं होगा तो हमारे साथ बात करने का क्या फायदा। इसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य कई किसान संगठनों ने बातचीत से इनकार कर दिया।

हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और सांसद धर्मबीर सिंह, नायब सैनी व बृजेंद्र सिंह की अगुवाई में कई किसान संगठन केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले। उन्होंने अपनी-अपनी बात रखी। मुलाकात के बाद किसान संगठन संतुष्ठ नजर आए। इसके बाद दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में गुरनाम सिंह चढूनी के साथ कुछ किसान संगठनों के नेताओं ने बहस शुरू कर दी। चढूनी को काफी भला-बुरा कहा गया। इस पर चढूनी ने भी बहसबाजी की। कुछ संगठनों ने चढूनी पर कांग्रेस से मिले होने का आरोप लगाया। आखिर में कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत करवाया। हरियाणा भवन के सुरक्षाकर्मियों ने समझाया। इसके बाद भी वे बहसबाजी करते रहे। 

वहीँ हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि किसानों की आड़ में आंदोलन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।उन्होंने कहा कि  कुछ किसान नेता भ्रम फैलाने की कोशिश  कर रहे है जो सरासर गलत  है। कुछ राजनीतिक दल किसानों का नाम ले राजनीति कर रहे हैं। किसान संगठनों के साथ नरेन्द्र तोमर जी के साथ एक घंटे बैठक हुई है और उनकी  कुछ गलतफहमियां दूर की गई है। उन्होंने बताया केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि  एमएसपी और मंडिया चलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन विपक्षियों के हाथ खेल रहे हैं और यही लोग फसल खरीद से पहले मंडियों बंद करने की साज़िश रच रहे हैं।