चंद अंकों से पास अभ्यर्थियों पर लटकी तलवार, चयन सूची से हो सकते बाहर

16 Sep, 2020 | Uttar Pardesh | Dharmendra Sharma

प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के आवेदन में गलत प्रविष्टियां करने वालों को सुधार का मौका दिया गया है इससे मेरिट सूची में फेरबदल होना तय है।

प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में चंद अंकों से उत्तीर्ण होने वालों पर चयन से बाहर होने की तलवार लटक गई है। उन्हें भले ही जिला आवंटित हो चुका है लेकिन, नियुक्ति मिलने से पहले ही चयन सूची से भी बाहर हो सकते हैं। वजह, भर्ती के आवेदन फार्म में गलत प्रविष्टियां करने वालों को सुधार का मौका दिया गया है, इससे मेरिट सूची में फेरबदल होना तय है। साथ ही कई अभ्यर्थियों का आवंटित जिला भी बदल सकता है।

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में वैसे तो 1,46,060 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे। लेकिन, नियुक्ति पाने के लिए आवेदन सिर्फ 1,36,621 ने किया था। जो अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से बाहर रहे जिनके गुणांक कम थे या फिर उनके आवेदन में खामियां थी। आवेदन की छिटपुट गलतियों में सुधार के लिए अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, इसमें चंद अभ्यर्थियों को छोड़ सबकी याचिका खारिज हुई। इसी बीच शीर्ष कोर्ट ने एक महिला अभ्यर्थी को गलती सुधार का अवसर दिया है। अब उसी तर्ज पर अन्य अभ्यर्थी भी दावा कर सकते हैं। उन्हें भी सुधार करने का मौका मिल सकता है।

शीर्ष कोर्ट में फैसला सुरक्षित : शिक्षक भर्ती में कटऑफ अंक मामले की शीर्ष कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है, फैसला सुरक्षित है। निर्णय आने के बाद ही काउंसिलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। कोर्ट फैसला कब सुनाएगा यह अभी स्पष्ट नहीं है।

शिक्षामित्रों की गलतियां सुधरेंगी : शिक्षक भर्ती में कई शिक्षामित्रों ने गलत कालम का चयन किया जिससे उन्हें भारांक नहीं मिल सका। ऐसे शिक्षामित्रों की संख्या करीब 250 के आसपास है। इनकी गलती सुधारने के लिए विभागीय मंत्री आदेश कर चुके हैं। इससे भी मेरिट में बदलाव होगा।

 

बेसिक शिक्षा परिषद ने प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति के लिए 67867 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित किया था। उनकी काउंसिलिंग होने से पहले ही भर्ती पर रोक लग गई। जिला आवंटन सूची में जो अभ्यर्थी कम गुणांक पर शामिल हैं, वे अब नए अभ्यर्थियों के आने से बाहर हो सकते हैं। प्रतियोगियों का कहना है कि आवेदन फार्म में गलतियां सुधार वालों की संख्या काफी अधिक है। उनके आने से चयन गुणांक बढ़ेगा और कई अभ्यर्थियों का जिला आवंटन भी बदल सकता है।