रोहतक में कोरोना मरीजों की सेवा में लगी नर्स अपने घरों से दूर, याद आती है पर...

26 May, 2020 | Haryana Rohtak | गरिमा टाइम्स

रोहतक। कोरोना महामारी में फ्रंट लाइन में खड़ी स्टाफ नर्स जब घर जाने की बात सोचती है तो उनकी आंखों में आंसू छलक पड़ते है। कोविड-19 वार्ड में ड्यूटी के बाद 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने वाली ये स्टाफ नर्स बस दूर से बंद पड़े गेट के बाहर सड़क को निहारती रहती है। लेकिन वीडियो कॉल से ही अपने बच्चों से बात करके अपना मन बहला लेती हैं। जब इन स्टाफ नर्सो से घर जाने की बात की तो बात करते करते ही भावुक हो उठी और दिल का दर्द आंखों से छलकने लगा।

रोहतक पीजीआई में कार्यरत नर्सों के अनुसार, उन्हें पूरी ट्रेनिंग दी गई है इसलिए अब कोरना वार्ड में काम करते हुए डर नहीं लगता। यहां काम करने के कारण घर नहीं जा रहे है, याद आती है लेकिन फर्ज को भी निभाना है। घर वालों से फोन पर बात करके काम चल रहा है। सब हौसला बढ़ा रहे है कि आप यू ही देश सेवा करते रहे।

गौरतलब है कि कोविड-19 वार्ड में एक हफ्ते की ड्यूटी करने के बाद 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाता है बाद में अगर इनकी रिपोर्ट नेगिटिव आती है तो इन्हें केवल दो दिनों के लिए घर भेजा जाता है। कोविड-19 के मरीजो का इलाज कर रही स्टाफ नर्सो के लिए परिवार से पहले अपना फर्ज है। हालांकि बच्चों से मिलने की बात जुबा पर आते ही इनकी आंखे भर आती है, भावुक होकर इन नर्सो का कहना है कि बच्चों की बहुत याद आती है लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित लोग भी तो हमारे अपने हैं इसलिए घर से पहले ड्यूटी जरूरी है।