प्रदूषण फैलाने पर सात लाख का जुर्माना लगाया

17 Oct, 2020 | Uttar Pardesh | Dharmendra Sharma

तीन जगह निर्माण कार्य भी बंद करवाए हैं।

गाजियाबाद : ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन कर निर्माण सामग्री का खुले में भंडारण करने पर पांच फर्मो पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तीन जगह निर्माण कार्य भी बंद करवाए हैं।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान दो में एंटी स्माग गन और जल छिड़काव व्यवस्था संतोषजनक मिली, जबकि तीन परियोजनाओं में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। निर्माण सामग्री का खुले में भंडारण करने पर वसुंधरा में सम्राट चौक के पास स्थित मैसर्स मेट्रो सूटस ग्लिटज पर पांच लाख रुपये, वसुंधरा स्थित मैसर्स जय अम्बे बिल्डर्स एंड ट्रेडर्स, इंदिरापुरम के नीतिखंड स्थित मैसर्स माया बिल्डकान, मैसर्स उप्पल बिल्डर्स, साइट चार साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैसर्स क्वातरा टाइल्स एंड सेनीटर वेयर पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम : प्रदूषण को रोकने के लिए जीडीए, नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। सड़कों पर टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मैकेनिकल स्वीपिग मशीन से सड़क की सफाई करवाई जा रही है। ग्रेप लागू होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को निर्माण सामग्री के खुले में भंडारण करने के आरोप में पांच फर्म पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, तीन परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद करवाया गया है।