हरियाणा ने जीता स्कॉच गोल्ड अवार्ड, जानिए क्यों मिला ये अवार्ड 

29 Oct, 2020 | Haryana | garima times

चंडीगढ़। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 संकट के दौरान एक अन्य मील के पत्थर के रूप में, उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्कॉच गोल्ड अवार्ड जीता है। स्वास्थ्य विभाग ने पुरस्कारों के लिए 'कोविड-19 स्टेटस इन हरियाणा' शीर्षक से अपनी परियोजना प्रस्तुत की थी। इसे पैनलिस्ट द्वारा सर्वश्रेष्ठ कोविड-19 मॉड्यूल के रूप में चुना गया था। राज्य सरकार ने सम्मानित 67 वें स्कॉच पुरस्कारों में भाग लिया था, जो आज एस के ओ समूह द्वारा डिजिटल मोड के माध्यम से आयोजित किए गए थे। 

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए, अतिरिक्त चीफ सैक्टरी, स्वास्थ्य,  राजीव अरोड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग दिन-रात काम कर रहा है, ताकि संकट की इस घड़ी में राज्य के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। इसके बारे में विस्तार से उन्होंने कहा, “300 से अधिक संगठनों ने विभिन्न श्रेणियों के तहत अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत की जिनमें से 136 को मेरिट के क्रम के लिए चुना गया था। सरकार ने अपना प्रोजेक्ट - कोविड-19 स्टेटस इन हरियाणा - कोविड-19 के जवाब में श्रेणी के तहत प्रस्तुत किया था।” 

अतिरिक्त मुख्य सचिव को आज पुरस्कारों के लिए विशिष्ट पैनलिस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया था। इवेंट के दौरान विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुतियों के साथ-साथ वोटिंग की गई।  राजीव अरोड़ा ने भी कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रस्तुति दी।विभिन्न राज्यों के कई संगठन थे जिन्होंने कोविड-19 संकट पर अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत की थीं।  

  अरोड़ा ने बताया कि हमारे प्रदेश में काफी सुधार हुआ है। रिकवरी रेट 93 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.09 है। आने वाले दिनों में काफी और सुधार होगा। खुशी की बात है 135 दिन के बाद कल कोई मृत्यु कोरोना की वजह से दर्ज नहीं हुई है। फिर भी हमें अभी काफी अलर्ट रहने की जरूरत है। त्योहारी सीजन के दौरान हमें और ध्यान रखना है। केन्द्र और प्रदेश सरकार कोविड-19 प्रति जागरुकता को लेकर पब्लिकली कैंपेन चला कर रही है। हमें फिजिकल डिस्टेंस के साथ, हैंड सैनिटाइजर और मास्क का ध्यान रखना है और पब्लिक को इकठ्ठा होने से बचना है।

राजीव अरोड़ा ने बताया कि वह हरियाणा स्वास्थय विभाग के सभी डाक्टर्स और पैरा मैडिकल स्टाफ का धन्यवाद करना चाहता हूं कि जब कोरोना पीक पर था। उस समय भी 70 से 80 प्रतिशत फैसिलिटी चालू थी और केवल उन्हीं अस्पतालों की ओ.पी.डी. बन्द रही जिसमें कोरोना के ज्यादा मरीज आ रहे थे। अब पूरे प्रदेश में ओ.पी.डी. पूरी तरह से चालू कर दी गई है। एमरजैंसी सर्जरी तो पहले भी होती रही हैं। लेकिन अब जिन सर्जरियों को पोस्टपोन किया गया था उन्हें भी किया जा रहा है।

बताया कि आज हम काफी अच्छी स्थिति में हैं। इसको हमने किस प्रकार से मेंटेन करके रखना है। यह जरूरी है। हमारी 26 हजार के करीब रोज टेस्टिंग हो रही हैं इसे हमने कम नहीं किया है। जहां पर भी इस प्रकार के वायरस की बात आती है उसको आईडेंटिफाई किया जाए। उसे आइसोलेट किया जाए। आज भी कुछ पेशेंट ऐसे रिएक्ट करते हैं कि जैसे उन्हें कुछ हुआ ही नहीं। लेकिन यह इन्फेक्शन अभी मौजूद है। हमें अपने लोगों को जागरूक करना है और विभाग भी अपने स्तर पर पब्लिक कैंपेन कर रहे हैं।