हरियाणा में मानव तस्करी का मामला , नाबालिग को खरीद कर करता रहा रेप

21 Nov, 2020 | Haryana |

हरियाणा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल मानव तस्करी करने वाले गिरोह ने असम से 15 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसे हरियाणा के आदमपुर में एक लाख रुपये में बेच दिया। खरीदने वाले ने जबरन किशोरी से शादी की और उसका यौन शोषण करता रहा। दरअसल आरोपी उसे हरियाणा के आदमपुर में ले आए और यहां एक लाख रुपये में एक आदमी को बेच दिया।

उस आदमी ने उससे जबरन शादी रचाई और उसका यौन शोषण करने लगा। एक दिन मौका पाकर वह उस व्यक्ति की कैद से भागने में कामयाब हो गई। इसके बाद एक बस में बैठ गई। तो वहीं बाल कल्याण समिति के अनुसार नाबालिग को ठीक तरह से हिंदी बोलनी नहीं आती थी, लेकिन वह हिंदी अच्छे से समझ सकती थी। डिंग थाना पुलिस ने असमिया भाषा जानने वाले शख्स को बुलाया। इसके बाद उस शख्स के माध्यम से नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह सातवीं कक्षा में पढ़ती है। 30 अक्तूबर को वह स्कूल से घर लौट रही थी कि रास्ते में तीन युवक उसे जबरन उठाकर ले गए। इसके बाद उन युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 

इसी दौरान सड़क पर उसे थाना दिखा। बस वहीं रुकी थी। वह नीचे उतरी और सीधे थाने में चली गई। वहां उसने पुलिस कर्मचारियों को सारी घटना बताई। इसके बाद डिंग पुलिस उसे महिला थाना लेकर आई और बाल कल्याण समिति को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तो वहीं दूसरी तरफ बाल कल्याण समिति - अध्यक्ष - अनीता वर्मा ने बताया कि नाबालिग को अपने पिता का मोबाइल नंबर याद था। हमने उस नंबर पर फोन करके लड़की की उसके परिजनों से बात करवाई। इसके बाद 17 नवंबर को असम पुलिस के साथ उसके पिता यहां आए।

समिति ने नाबालिग को असम पुलिस व उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। दरअसल कुछ दिन पहले किशोरी व्यक्ति के चंगुल से किसी तरह से बचकर डिंग पुलिस थाने पहुंची। महिला थाने में केस दर्ज कर उसे बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया। बाल कल्याण समिति ने असम पुलिस को इसकी सूचना दी और काफी प्रयास के बाद उसके परिजनों का पता लिया गया। परिजन असम पुलिस के साथ सिरसा पहुंचे, जहां बाल कल्याण समिति ने नाबालिग को परिजनों के हवाले कर दिया। असम की धुबड़ी थाना पुलिस ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।