विधायकों को 160 लग्जरी फ्लैट देने जा रही है गहलोत सरकार

29 Jun, 2020 | Rajasthan | garima times

जयपुर। राजस्थान में विधायकों के लिए सूबे की अशोक गहलोत सरकार लग्जरी फ्लैट्स बनाने जा रही है. इन मकानों को बनाने के लिए पुराने मकानों की कॉलोनी को तोड़कर बहुमंजिला इमारत खड़ी करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।  खास बात यह है कि माननीय विधायकों के लिए बन रही इस अत्याधुनिक इमारत को बनाने के लिए नियम कायदों को भी बदला जा रहा है। इस लग्जरी आवासीय योजना को लेकर लंबे समय से जद्दोजहद चल रही थी।  अब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और सीएम गहलोत के निर्देशों पर इस योजना का काम दिन रात रफ्तार पकड़ रहा है। 
इस योजना के निर्माण की जिम्मेदारी राजस्थान आवासन मंडल को बीते दिनों ही सौंपी गई है। पहले ज्योति नगर स्थित विधायक नगर पश्चिम में 176 विधायक आवास बनाये जाने थे, लेकिन अब उनको घटाकर 160 कर दिया गया है।  इसके पीछे वजह यह रही कि 176 फ्लैट्स बनाने पर सेंट्रल लॉन का क्षेत्रफल कम हो रहा था।  इसलिए 16 आवासों को कम किया गया है।  16 आवासों की संख्या कम करने से सेंट्रल लॉन का क्षेत्रफल दोगुना हो जाएगा. यह सेंट्रल लॉन 36 हजार वर्गफीट एरिया में तैयार किया जाएगा। 

इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इस क्षेत्र में बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से 15 मीटर उंचाई तक ही निर्माण ही हो सकते हैं।  लेकिन माननीय विधायकों का प्रोजेक्ट होने के चलते इसे विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा देते हुए उसके लिये नगरीय विकास विभाग 28 मीटर तक उंचाई की इमारत बनाने के लिए नियमों में शिथिलता देगा। नगरीय विकास विभाग के इस प्रोजेक्ट के नक्शे को सरकार के स्तर पर मंजूर किया जाएगा। 
माननीयों के लिए बनाये जा रहे नए और लग्जरी आशियानें ज्योति नगर में पुराने मकानों को तोड़कर बनाए जायेंगे।  विधानसभा भवन के ठीक पास यह लग्जरी इमारत बनाई जाएगी।  यह इमारत 28 मीटर उंची होगी।  इस 8 मंजिला ऊंची इमारत में 160 लग्जरी फ्लैट्स बनाए जायेंगे।  इनमें अत्याधुनिक क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, गेस्ट हाउस, इंडोर/आउटडार गेम्स और मीटिंग हॉल जैसी सुविधायें विकसित की जाएगी. एक फ्लैट्स 3200 वर्गफीट एरिया में बनेगा।  एक फ्लैट में 4 बेडरूम, 1 ड्राइंग रूम, एक डाइनिंग हॉल, बड़ी किचन और घरेलू कर्मचारी के लिए एक-एक कमरा बनाया जायेगा।  

इस प्रोजेक्ट में तमाम तरह की लग्जरी सुविधाओं को विकसित करने के साथ एक बड़ा गार्डन भी बनाया जा रहा है।  नियमों से परे इस विशेष प्रोजेक्ट के सवाल पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि मौजूदा विधानसभा भवन से इस आवासीय इमारत की उंचाई कम होगी तो नियम बदलने का सवाल नहीं उठता, क्योंकि वहां पहले से इससे उंची इमारत मौजूद है। 

सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा।  आवासन मंडल इस इमारत को जालूपुरा की जमीन को बेचकर आए पैसे से पुरा करेगा।  सरकार ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी जेडीए से छीनकर आवासन मंडल को दे दी है। इसके साथ ही मंडल ने युद्धस्तर पर इसका काम भी शुरू कर दिया है।