माँ की हत्या, साढ़े 4 माह की मासूम का क्या कसूर,पालने को नहीं कोई तैयार

21 Jan, 2021 | Hisar |

सांकेतिक फोटो

भिवानी। एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बता दें कि पहले महिला की हत्या कर दी जाती है। उसके बाद उसकी मासूम सी चार महीने की बेटी को कोई अपने पास रखने के लिए तैयार नहीं है। बताना लाजमी है कि बाल कल्याण समिति के माध्यम से हिसार एडॉप्शन एजेंसी के पास भेजा गया है। दरअसल कितलाना में दहेज की मांग को लेकर कुल्हाड़ी से काटकर पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले दो बच्चियों के पिता को पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया है।

साढ़े चार माह की बच्ची की देखभाल करने के लिए परिवार का कोई सदस्य तैयार नहीं हुआ तो पुलिस ने उसे जिला बाल संरक्षक अधिकारी व बाल कल्याण समिति के माध्यम से हिसार स्थित एडॉप्शन एजेंसी को सौंप दिया है। जबकि तीन साल की उनकी बेटी अपने मामा के पास रह रही है। डीसीपी आफिसर  -नरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस छोटी बच्ची को लेकर आई थी। दोनों परिवारों के सदस्यों ने बच्ची की देखभाल से इंकार कर दिया था। इसी के चलते बच्ची को बाल कल्याण समिति के माध्यम से हिसार एडॉप्शन एजेंसी के पास भेजा गया है। जांच अधिकारी एसआई विरेंद्र ने बताया कि पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मुकेश को मंगलवार देर शाम गिरफ्तार किया था।

पत्नी की हत्या को अंजाम देने के बाद साढ़े चार माह की उसकी बेटी उसके पास ही थी। पुलिस आरोपी को उसकी बच्ची के साथ लेकर सदर थाना पहुंची थी। पुलिस ने आरोपी मुकेश के परिजनों से संपर्क कर बच्चे को रखने को कहा लेकिन किसी ने बच्ची की देखभाल की सहमति नहीं जताई। गांव कितलाना में दहेज की मांग को लेकर शराबी पति ने 28 वर्षीय पत्नी रीतू की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक महिला के पति मुकेश, उसके चाचा, सास व अन्य के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव परिजनों को सौंप दिया गया था।

शव लेने के लिए महिला के पति पक्ष की तरफ से कोई मौजिज व्यक्ति नहीं पहुंचा तो शव मृतका की मां गांव नीमली निवासी प्रमिला को सौंप दिया था। रीतू व मुकेश से दो लड़कियां है। तीन वर्षीय लड़की अपनी नानी के पास गांव नीमली में रह रही थी जबकि दूसरी साढ़े चार माह की लड़की अपने माता-पिता के साथ रहती थी। बाल कल्याण समिति के जरिये हिसार में एडॉप्शन एजेंसी के पास भिजवाई बच्ची: जांच अधिकारी मामले में मुकेश की मां, उसका चाचा व अन्य लोग भी आरोपी हैं।

मुकेश अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है। जांच अधिकारी ने बताया कि बच्चों की देखभाल के लिए मृतका के मायका पक्ष के सदस्यों से भी संपर्क किया गया था लेकिन उन्होंने भी छोटी बच्ची को रखने से इंकार कर दिया था। हालांकि बड़ी बच्ची उन्हीं के पास रह रही है। इसके चलते पुलिस ने बच्ची को जिला बाल संरक्षक अधिकारी व बाल कल्याण समिति के माध्यम से हिसार स्थित एडॉप्शन एजेंसी के पास भेज दिया है।