व्यापारी के घर छापे में मिली सुरंग,  मिला काली कमाई का अथाह खजाना

23 Jan, 2021 | Rajasthan | garima times

जयपुर।  राजस्थान में आयकर विभाग ने इतिहास के सबसे बड़े इनकम टैक्स छापे को अंजाम दिया है। यहां जयपुर में सर्राफा कारोबारी और दो रियल स्टेट डेवेलपर के यहां छापे में लगभग 2 हजार करोड़ की दो नंबर की कमाई पकड़ी गई है। सर्राफा व्यापारी के यहां छापेमारी के दौरान एक सुरंग मिली है, जिसमें 700 करोड़ से अधिक की प्रापर्टी की जानकारी मिली है। जिसके बाद से माना जा रहा है कि ये राजस्थान के इतिहास का अबतक का सबसे बड़ा आयकर का छापा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार छापेमारी की ये कार्रवाई 5 दिनों तक चली है। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आयकर विभाग की 50 टीमें लगाई गई थी। टीम में शामिल 200 कर्मचारियों 5 दिनों तक लगातार कागजातों और दस्तावेज को खंगाला। बताया जा रहा है कि ये छापे शहर के तीन बड़े कारोबारी समूहों सिल्वर आर्टग्रुप, चोरडिया ग्रुप और गोकुल कृपा ग्रुप के ठिकानों पर मारे गए थे। जिसमें कई सौ करोड़ रुपये की दो नंबर की कमाई का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान एक तहखाने में कई कीमती वस्तुएं मिली हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि यहां 700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति हो सकती है।

आयकर छापों में सबसे चौंकाने वाला मामला ज्वेलर समूह सिल्वर आर्ट ग्रुप के ठिकाने पर मिली सुरंग का रहा। इस सुरंग से जब्त सैकड़ों करोड़ के बेनामी संपत्ति और अघोषित आय के दस्तावेजों की जांच में आयकर विभाग जुटा है। आयकर विभाग के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब तक की छापेमारी में इस तरह सुरंग बनाकर राज दफन करने का मामला कभी नहीं देखा।  पहले दिन जब समूह के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई हुई तो शुरुआत में आयकर अफसरों को कुछ हाथ नहीं लगा। आयकर अफसरों के पास पुख्ता सबूत थे लेकिन मौके पर कुछ सबूत हाथ नहीं लग रहे थे। इस पर मौके पर गए अफसरों को शक हुआ तो पूरे परिसर में तहखानों, बेसमेंट और दीवारों की बारीकी से जांच करना शुरू किया।

करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद आयकर अफसरों को सफलता मिली तो वह देखकर दंग रह गए। एक कमरे में एक दीवार के आगे दूसरी दीवार खड़ी की गई थी, दोनों दीवारों के बीच के भाग को खोदकर गहरा कर दिया था। बारीकी से जांच करने पर एक ढक्कननुमा छेद मिला, उस ढक्कन को हटाने पर एक पतली सुरंग का दरवाजा मिला जिसमें एक आदमी भी बहुत मुश्किल से प्रवेश कर सकता था। सुरंगनुमा इस तहखाने को देखकर एकबारगी तो आयकर अफसर भी चौंक गए। सुरंग की तलाशी ली तो अंदर खजाना ही छिपा हुआ मिला। सुरंग में बड़ी संख्या में ज्वैलरी, अकूत काली कमाई के दस्तावेज और बेनामी लेनदेन के सबूत छिपाए गए थे। काले धन से जुड़े डिजिटल डेटा को भी हार्ड डिस्क में छिपाकर इसमें रखा था।

ज्वैलर समूह की सुरंग को देखकर आयकर विभाग के अफसर हैरान हैं। आयकर अफसरों का कहना है कि अब तक की आयकर कार्रवाइयों में यह पहला मौका है जब इस तरह किसी ने रहस्मयी खजाने की कहानियों की तर्ज पर गुप्त सुरंग बनाकर कालाधन छिपा रखा हो। सीबीडीटी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में भी सुरंग का जिक्र है। ज्वेलर्स समूह के यहां अब तक 700  करोड़ की अघोषित आय के दस्तावेज मिल चुके हैं। जब्त दस्तावेजों में यह भी खुलासा हुआ है कि ज्वेलर समूह ने 122 करोड़ रुपए नकद अलग- अलग लोगों और कारोबारियों को ब्याज पर दे रखे हैं। ब्याज से होने वाली अघोषित आय कर्मचारियों और कारीगरों के बैंक खातों में आने के भी सबूत मिले हैं।

आमेर रोड जलमहल के सामने सिल्वर आर्ट ग्रुप के नवरत्न सर्राफ और किशन सर्राफ की फर्म है। पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि सुरंग में मिली मूर्तियां और एंटीक आइटम की जानकारी जुटाने के लिए हमारी टीम इनकम टैक्स से संपर्क कर रही है। ताकि पता चल सके कि यह एंटीक आइटम कहां से लाए गए हैं। अगर इन्हें किसी आपराधिक गतिविधि के जरिए लाया गया है, तो आगे कार्रवाई की जाएगी। यहां पर लगे हुए सभी सीसीटीवी  फुटेज जब्त कर लिए गए हैं। इस मामले में जांच जारी है।