बिजली निगम के टेंडर में दिए फर्जी कागजात, 3 पर मामला दर्ज

09 Jul, 2020 | Hisar | garima times

हिसार। फर्जी दस्तावेज के आधार पर तीन फर्मों ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में टेंडर लेने की कोशिश की, लेकिन ऑडिट जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर निगम ने तीनों फर्मों पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है। इससे पहले भी बिजली निगम द्वारा टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज ई-टेंडरिंग में लगाने के मामले में कई फर्मों पर केस दर्ज करवाया जा चुका है।

पुलिस को दी शिकायत में बिजली निगम के अधिकारी ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से 23 अक्टूबर 2018 को समाचार-पत्रों के प्रकाशित करने के लिए मैसर्स नेक्स्टेंटर्स की निविदा वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। ई-टेंडर को दो भागों में यानी भाग-1 (तकनीकी बोली) और भाग-2 (मूल्य बोली) में आमंत्रित किया गया था। ई-टेंडरिंग के माध्यम से निविदा दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर 2018 को दोपहर 1 बजे तक थी। फर्मों द्वासरा प्रस्तुत दस्तावेज को खोला गया और ई-टेंडरिंग में भाग लेने वाली फार्मों के दस्तावेजों की दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ऑडिट विंग द्वारा जांच की गई। जांच में सामने आया कि तीन फर्म जिनमें मैसर्स पंघाल इलेक्ट्रिकल्स, हिसार, मैसर्स श्री कृष्णा इलेक्ट्रिक वैली हिसार और मैसर्स वैंटेज पावरलाइन, हिसार ने जाली अनुभव प्रमाणित/ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की है। एजेंसियों के टेंडर की जांच में फर्जी मिलने के बाद निगम ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। साथ ही अब पुलिस में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।