रोहतक के दूधिया हत्याकांड में खौफनाक सच आया सामने, दो और चढ़े पुलिस के हत्थे 

22 Feb, 2021 | Rohtak | garima times

रोहतक। रोहतक पुलिस ने मुंगाण निवासी दूध का काम करने वाले संदीप की हत्या की वारदात को हल करते हुए वारदात में फरार चल रहे दोनो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों ने संदीप की पत्नी व साली के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। संदीप की पत्नी व साली पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है जो न्यायिक हिरासत मे जेल में बन्द है। आरोपियों को आज पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांङ पर हासिल किया गया है। मामलें की गहनता से जांच की जा रही है।

डीएसपी सज्जन कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दिनांक 28 जनवरी को गांव मुगाण में रुड़की रोड़ पर जली हुई अवस्था में वैन मिली। जिसमें संदीप  निवासी गांव मुगाण की जली हुई अवस्था में लाश बरामद हुई थी। मृतक की लाश का पोस्टमार्टम करवाकर लाश को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौपा गया। मृतक के पिता राजेन्द्र की शिकायत के आधार पर मृतक की पत्नी व अन्य के खिलाफ हत्या  का मामला दर्ज करवाया था। गहनता से पूछताछ में उसने अपनी बहन व अन्य 2 के साथ हत्या को अंजाम दिया था। आज पुलिस ने हत्या में शामिल विकास उर्फ संजू पुत्र निवासी मुंगाण जिला रोहतक व मनीष निवासी किलोई को गिरफ्तार किया गया है।


डीएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि संदीप की पत्नी मूर्ति ने गीता, मनीष व विकास के साथ मिलकर संदीप की हत्या करने का प्लान बनाया। जिसके तहत वारदात से कुछ दिनों पहले ही गीता अपनी बहन के पास आ गई। घटना की रात को मूर्ति ने अपनी बहन के साथ मिलकर संदीप को नींद की गोलियां खिलाई। गोली खाने के बाद बेहोश होने पर मूर्ति व गीता ने मनीष व विकास को घर पर बुला लिया। आरोपियों ने रस्सी से गला घोटकर संदीप की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी संदीप को उसकी ही वैन में डालकर रुड़की रोड़ पर ले गए तथा पेट्रोल डालकर संदीप व वैन को आग लगा दी। 

मूर्ति की बहन गीता की विकास उर्फ संजू के साथ दोस्ती थी। संदीप को इनकी दोस्ती के बारे में पता था तथा वह उनकी दोस्ती से नाखुश था। संदीप व मूर्ति के बीच भी अक्सर विवाद रहता था। दोनो बहनों ने मिलकर संदीप की हत्या का प्लान बनाया। इसके अलावा मृतक संदीप की करीब 17/18 लाख रुपये की इंशोरेंस पॉलिसी भी थी। आरोपियों ने उसे हासिल करने के लिए वारदात को इत्तेफ़ाक़न हादसा दर्शाने का प्रयास किया था। मूर्ति ने अपने साथियों से वादा किया था कि पॉलिसी के पैसे मिलने के बाद पैसे आपस में बांट लेंगे।