राज्य के संघीय अधिकारों से समझौता न करके प्रस्तावित बिजली बिल को वापस लें: सुखबीर बादल

09 Jul, 2020 | Punjab | Garima Times

राज्य के संघीय अधिकारों से समझौता न करके प्रस्तावित बिजली बिल को वापस लें: सुखबीर बादल

चंडीगढ़ : शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे बिजली मंत्री को प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक, 2020 को आगे न बढ़ाने का निर्देश दें और राज्य के संघीय अधिकारों से किसी भी तरह से समझौता न करके इसे वापस लें। अकाली दल 

अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस संदर्भ में पत्र लिखा कि प्रस्तावित बिजली (संशोधन), 2020 सार्वजनिक चिंता का कारण बन  गया है क्योंकि यह राज्यों के अधिकारों पर थोपा गया है और संघवाद के मूल सिद्धांत के खिलाफ था तथा राज्य के अधिकारों से  किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता।

 

बादल ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में राज्यों को सबसिडी देने और क्रॉस सबसिडी देने पर रोक लगाई गई है, जो समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने के लिए राज्य सरकारों के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला था। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक पास हो जाता है तो समाज के विभिन्न वर्गों को रियायती बिजली या मुफ्त बिजली प्रदान करने वाली कई कल्याणकारी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।

 

उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित बिल से विभिन्न राज्यों द्वारा अपने संबंधित विद्युत अधिनियमों के अनुसार स्थापित वितरण और ट्रांसमिशन कंपनियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिल में उत्पादन कंपनियों को राज्य नियामक प्राधिकरणों से कोई अनुमति लिए बिना अपनी वितरण और ट्रांसमिशन फ्रैंचाइजी नियुक्त करने का अधिकार देने का प्रस्ताव किया गया है।