राकेश टिकैत का बड़ा बयान, किसान फसल ले करें दिल्ली कूच, संसद पर........

06 Mar, 2021 | Delhi |


नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में लगातार आंदोलन जारी है लेकिन सरकार बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ किसान नेता आंदोलन को और व्यापक करने के लिए लगातार नए - नए प्रयास कर रही है। बताना लाजमी है कि कुछ दिन पहले नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में कई किसानों ने अपनी फसल उजाड़ दी थी। बता दें कि कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच पिछले तीन महीने से ज्यादा समय से गतिरोध जारी है। दोनों ही पक्ष अपने तर्कों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

हाल ही में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने इस स्थिति को लेकर कहा था कि वे अपनी बात मनवाकर रहेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो किसान अपनी फसलों को जला देंगे। इस पर हाल ही में जब एक टीवी डिबेट पर उनके सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सफाई में कहा कि उन्होंने तो किसान को फसल बर्बाद करने से रोका है। टिकैत ने बताया कि उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि वे अपनी फसल लेकर दिल्ली कूच करें।

क्या बोले राकेश टिकैत?: भाकियू नेता ने कहा कि सरकार को लगता है कि किसान की जब फसल आएगी, तो वह यहां से छोड़कर खेत लौट जाएगा। किसान ने कहा कि आंदोलन के बीच फसल आएगी, तो वह फसल ही बर्बाद कर देगा। टिकैत ने कहा कि हमने उसे रोका और कहा कि इसे ऐसे बर्बाद न कर। ये आंदोलन की फसल है। इसे अपने ट्रैक्टर पर लेकर दिल्ली की तरफ कूच कर। पीएम ने कहा है कि अपनी फसल कहीं भी बेच सकते हो। अगर एमएसपी पर तेरी फसल वहां बिके तो बेच, वर्ना फसल लेकर दिल्ली निकल।

किसान नेता टिकैत ने आगे कहा, “किसान अपने खेतों में भी काम करेगा और आंदोलन को भी देखेगा। सब काम करेगा किसान। क्योंकि 2021 आंदोलन का साल है। किसान आंदोलन और खेत नहीं छोड़ेगा और सरकार को भी नहीं छोड़ेगा। हमारा और सरकार का टकराव हो गया है।” उन्होंने कहा कि सरकार अभी ताला लगाकर दिल्ली छोड़ गई है। पर कभी न तो कभी लौटकर आएगी। जब तक दिल्ली नहीं आएगी, बातचीत नहीं करेगी, तब तक हम दिल्ली नहीं छोड़ेंगे।

टिकैत ने आगे कहा, “जो भी विभाग इसे बीच में रोकेगा, उसे बेच दे। नहीं रोकेगा, तो नई मंडी खुलेगी- पार्लियामेंट। वहां पर बिल्कुल पक्के तौर पर एमएसपी पर खरीद होगी।” जब एंकर ने पूछा कि क्या आप किसानों को भड़का रहे हैं, तो टिकैत ने कहा, “हम भड़का नहीं रहे हैं। देश में अगर कहीं फसल नहीं बिक रही, मतलब कहीं तो एमएसपी पर खरीद होगी। जहां कानून बने, किसान वहीं तो जाएगा।